699 + Best Majburi Shayari in Hindi | हालात से मजबूर शायरी

जो लोग आपकी मजबूरी को समझते है !!
वही आपके मजबूरी का फायदा उठाते है !!

अजीब है मेरा अकेलापन ना खुश हूँ !!
ना उदास हूँ बस खली हूँ और खामोश हूँ !!

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तुम्हारा तो झूठ भी इतना सच्चा होता है की !!
हम हर बार आंख बंद करके यकीं कर लेते हैं !!

बोझ उठाना शौक़ कहाँ है मजबूरी का सौदा है !!
रहते रहते स्टेशन पर लोग क़ुली हो जाते हैं !!

थके लोगों को मजबूरी में चलते देख लेता हूँ !!
मैं बस की खिड़कियों से ये तमाशे देख लेता हूँ !!

मैं बोलता हूँ तो इल्ज़ाम है बग़ावत का !!
मैं चुप रहूँ तो बड़ी बेबसी सी होती है !!

उन के सितम भी कह नहीं सकते किसी से हम !!
घुट घुट के मर रहे हैं अजब बेबसी से हम !!

हम तुम में कल दूरी भी हो सकती है !!
वज्ह कोई मजबूरी भी हो सकती है !!

थके लोगों को मजबूरी में चलते देख लेता हूँ !!
मैं बस की खिड़कियों से ये तमाशे देख लेता हूँ !!

बोझ उठाना शौक कहाँ है मजबूरी का सौदा है !!
रहते रहते स्टेशन पर लोग कुली हो जाते हैं !!

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Majburi Shayari in Hindi

पढ़ने की उम्र में उसने बच्चे से मजदूरी कराई थी !!
वह मजदूरी नही साहब मजबूरी थी !!

किसी की अच्छाई का इतना भी फायदा मत उठाओ !!
कि वो बुरा बनने के लिए मजबूर हो जाये !!

कई लोग तो बस दिखाते हैं अमीरी !!
समझते नहीं हैं दूसरों की मजबूरी !!

एक मजबूर का तन बिकता है मन बिकता है !!
इन दुकानों में शराफ़त का चलन बिकता है !!

जितनी हिरनी की दूरी है ख़ुद अपनी कस्तूरी से !!
उतनी ही दूरी देखी है इच्छा की मजबूरी से !!

ज़ालिम था वो और ज़ुल्म की आदत भी बहुत थी !!
मजबूर थे हम उस से मोहब्बत भी बहुत थी !!

कह तो सकता हूँ मगर मजबूर कर सकता नहीं !!
इख़्तियार अपनी जगह है बेबसी अपनी जगह !!

आदत से लाचार है आदत नई अजीब !!
जिस दिन खाया पेट भर सोया नहीं ग़रीब !!

बहाना कोई तो ऐ ज़िंदगी दे !!
कि जीने के लिए मजबूर हो जाऊँ !!

ग़म-ए-ज़माना ने मजबूर कर दिया वर्ना !!
ये आरज़ू थी कि बस तेरी आरज़ू करते !!

Majburi Shayari

जमीन और किस्मत एक जैसी होती हैं !!
इंसान जो बोता है उसे वैसा ही फल मिलता है !!

नाकाम हैं असर से दुआएँ दुआ से हम !!
मजबूर हैं कि लड़ नहीं सकते ख़ुदा से हम !!

दोनों का मिलना मुश्किल है दोनों हैं मजबूर बहुत !!
उस के पाँव में मेहंदी लगी है मेरे पाँव में छाले हैं !!

अगर तेरी मजबूरी है भूल जाने की !!
तो मेरी आदत है तुझे याद रखने की !!

किस्मत बदलने का सबसे !!
आसान तरीका मेहनत !!

किस्मत के भरोसे बैठ जाने से किस्मत सोयी ही रहती है !!
हिम्मत कर खड़े होने पर भाग्य भी खड़ा हो उठता हैं

अपने प्यार को देख कर अक्सर ये एहसास होता हे !!
जो तक़दीर में नहीं होता वही इंसान ख़ास होता हे

आपकी किस्मत हो जब साथ !!
तो किसी से डरने की क्या बात

खुद में ही उलझी हुई है जो मुझे क्या सुलझायेगी !!
भला हाथों की चंद लकीरें भी क्या किस्मत बताएगी

हाथ की लकीरें भी कितनी अजीब है !!
कमबख्त मुट्ठी में तो है पर काबू में नहीं

Kaisa laga mera majak

यूँ ना कहो कि ये किस्मत की बात है !!
मुझे बर्बाद करने में तुम्हारा भी हाथ है !!

आदमी की कुछ ख्वाहिसे अधूरी रह जाती है !!
भले ही उसकी किस्मत कितनी ही अच्छी क्यों न हों !!

किस्मत में जो नहीं लिखा है !!
उसे पाने की जिद रखो जिंदगी में !!

मुझे हाथ की रेखाओं पर इसीलिए विश्वास नहीं है !!
कैद ये मेरी मुठ्ठी में है क्या खोलेगी किस्मत मेरी !!

हाथों की लकीरों पर ज्यादा विश्वास नही करना चाहिए !!
तक़दीर तो उनकी भी होती है जिनके हाथ नही होते !!

अहंकार में ही इंसान सब कुछ खोता है !!
बेवजह किस्मत को दोष देकर रोता है !!

तलब ऐसी है कि साँसों में बसा लूँ तुम्हें !!
और किस्मत ऐसी है कि देखने को मोहताज हूँ तुम्हें !!

बेकार मत समझना दुआ की भी पड़ती है जरूरत !!
कई बार सिर झुकाने से भी बदलती है किस्मत !!

हमारे दिल को हम समझा रहे हैं !!
ख़ुशी के बाद दुख भी आ रहे हैं !!

उसे किस्मत समजकर गले से लगाया था !!
भूल गए थे किस्मत बदलते देर नहीं लगती !!

Majboori ka fayda

हमारी किस्मत ने वहां लाकर छोड़ा है !!
जहां न दुआ काम आती है ओर न दवा !!

किसी को क्या बताये कि कितना मजबूर हूं !!
चाहा था सिर्फ एक तुमको और तुमसे ही दूर हूं !!

किसी की मजबूरी का मजाक ना बनाओ यारो !!
ज़िन्दगी कभी मौका देती है कभी धोखा भी देती है !!

ज़िन्दगी में बेशक हर मौके का फायदा उठाओ !!
मगर किसी के हालात और मजबूरी का नहीं !!

सोचते थे मिलेगा सुकून ऐ दिल उनसे मिलकर !!
पर दर्द और बढ़ जाता है उन्हें देखने के बाद !!

किसी की अच्छाई काइतना भी फायदा मत उठाओ !!
कि वो बुरा बनने के लियेमजबूर बन जाये !!

किसी की मजबूरी का मजाक ना बनाओ यारों !!
जिन्दगी कभी मौका देती है तो कभी धोखा भी देती है !!

अए जान-ए-वफा तुझसे प्यार निभाएं कैसे !!
तेरे मुताबिक़ अपने दिल को दिल बनाएं कैसे !!

अभी तो देखा भी नही तुझे हमने जी भर के !!
फिर अभी से तुझे भूल जाएं तो जाएं कैसे !!

ये भी नहीं जान दे दूं मैं अपनी तेरी खातिर !!
लेकिन बिन तेरे जिन्दगी बिताएं हम कैसे !!

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Meri majboori in english

कहा है किसी ने इश्क़ आखिरी नही होता !!
फिर तुझे इश्क़ अपना आखिरी बताएं कैसे !!

तू हो जाए इश्क आखिरी मेरा तो क्या बात हो !!
नहीं मालूम इस बात के लिए तुझे मनाएं कैसे !!

तू कभी संभालता कभी बहकता नज़र आता है !!
तुझे तुझमें से ही तलाश के भला लाएं कैसे !!

बस रेहान की एक बात को तू सब्र दे दे !!
बिन भुलाए तेरे इश्क़ को हम मुस्कुराएं कैसे !!

सच बोलना बहुत आसान होता है !!
लेकिन अपने बारे में सच सुन पाना बहुत मुश्किल !!

किस्मत और मेहनत में बस इतना सा फ़र्क़ है की
किस्मत कभी कभी साथ देगी और मेहनत हमेशा साथ देगी !!

बचपन में कहानी सुन कर सोते थे !!
आज अपनी ही कहानी पर रो कर सोते हैं !!

कोई मजबूरी होगी जो वो याद नहीं करते !!
सम्भल जा ऐ दिल तुझे तो रोने का बहाना चाहिए !!

उन्हें चाहना हमारी कमजोरी है !!
उनसे नहीं कहे पाना हमारी मजबूरी है !!

जिस दिन म्हारी किस्मत का सिक्का उछलेगा !!
उस दिन हेड भू म्हारा और टेल भी महारा होगा !!

Bhabhi ki majburi

जिस दिन अपनी किस्मत का सिक्का उछलेगा !!
उस दिन हेड भी अपना और टेल भी अपना !!

जो भी मिला कोई न कोइ गम देकर गया !!
पता नहीं हम बुरे हैं या हमारी किस्मत !!

बहुत किस्मत वाले होते हैं वो लोग !!
जिन्हे लोग अपनी हर दुआ में मांगते हैं !!

अपनी मां को देखकर मुस्कुरा लिया हो !!
क्या पता किस्मत में तीर्थ लिखा ही न हो !!

चुप रहना ही ठीक है आज कल के हिसाब से !!
अक्सर ज्यादा बोलने वाले धोके खा जाते हैं !!

तेरी ख़ामोशी अगर तेरी मजबूरी है !!
तो रहने दो इश्क़ भी कौन सा जरूरी है !!

ऐसी भी क्या मजबूरी आ गई जनाब की !!
आपने हमारी चाहत का कर्ज़ा धोका दे !!
कर चुकाया !!

ऐसा नही है की वक्त ने मौका नहीं दिया !!
हम आगे बढ़ सकते थे !!
पर तूने मजबूर किया !!

किसी की मजबूरी का मजाक ना बनाओ दोस्तों !!
जिन्दगी कभी मौका देती है !!
तो कभी धोखा भी देती है !!

कभी कभी सब कुछ पता होकर भी हम !!
खामोश रहते है क्युकी अगर कुछ बोल देंगे !!
तो रिश्ते खत्म हो जायेंगे !!

Jane wafa tujhko kya de

उसे चाहना हमारी कमजोरी है !!
वो क्यू न समझते हैं हमारी खामोशी को !!
उन से कह न पाना हमारी मजबूरी है !!

किसी की मजबूरी कोई समझता नहीं !!
दिल टूटे तो दर्द होता है !!
मगर कोई कहता नहीं !!

हरा सकती है डरा सकती है !!
वो मजबूरी है साहब !!
वो इंसान से कुछ भी करा सकती है !!

किसी की मजबूरी शायरी !!
बहाना कोई तो दे ऐ जिंदगी !!
की जीने के लिए मजबूर हो जाऊँ !!

जब बदलने की !!
आदत होती है किसी की !!
फिर मजबूरियां रखनी !!
होती है भूलने की !!

मिलना एक इत्तेफ़ाक है !!
और बिछड़ना मजबूरी है !!
चार दिन की इस जिन्दगी में !!
सबका साथ होना जरूरी है !!

क्या थी मजबूरी तेरी !!
जो रस्ते बदल लिए तूने !!
हर राज कह देने वाले !!
क्यों इतनी सी बात छुपा ली तूने !!

हर प्यार में एक एहसास होता है !!
हर काम का एक अंदाज होता है !!
जब तक ना लगे बेवफाई की ठोकर !!
हर किसी को अपनी पसंद पे नाज़ होता है !!

मेरी मजबूरी को समझो जो !!
तुम्हारा साथ ना दे पाई !!
दिल तो मेरा यही चाहता है !!
की बन जाऊं तेरी परछाई !!

कुछ तो मजबूरी !!
उसकी भी रही होगी !!
यूं ही नही कोई अपने !!
प्यार को छोड़ देता है !!

Majburi in hindi

थके लोगों को मजबूरी में !!
चलते देख लेता हूँ !!
मैं बस की खिड़कियों से ये !!
तमाशे देख लेता हूँ !!

मजबूरी में जब कोई जुदा होता है !!
जरूरी नहीं की वो बेवफा होता है !!
दे कर वो आपकी आँखों में आँसू !!
अकेले में आपसे भी ज्यादा रोता है !!

मजबूरी में जब कोई जुदा होता है !!
जरूरी नहीं की वो बेवफा होता है !!
दे कर वो आपकी आँखों में आँसू !!
अकेले में आपसे भी ज्यादा रोता है !!

आप दिल से यूँ पुकारा ना करो !!
हमको यूँ प्यार से इशारा ना करो !!
हम दूर हैं आपसे ये मजबूरी है हमारी !!
आप तन्हाइयों मे यूँ रुलाया ना करो !!

वो हमेशा बात बनाती क्यों थी !!
मेरी झुठी कसम खाती क्यों थी !!
मजबूरियों का बहाना बना कर !!
मुझ से दामन छुड़ाती क्यों थी !!

मजबूर इस दिल की धड़कन !!
तुम सुनने की कोशिश तो करते !!
जा रहा हूं दूर तुम्हारी जिंदगी से !!
मुझे रोकने का दिखावा तो करते !!

जब सच्ची मजबूरी में दिल टूटता है !!
ख्वाबों की दुनिया बिलकुल रूखती है !!
जिंदगी की राहों में जब राह टूटती है !!
हर एक मोड़ पर खुद को फिर से सबूरी मिलती है !!

एक पल की माजबूरी है !!
दिल की बेबसी का दर्द !!
ख्वाबों की खोई खोई धड़कन !!
खुद से है जुदा ये ज़िंदगी का रंग !!

दिल की दहलीज़ पर खड़ी है मजबूरी !!
कभी सपनों की ऊँचाइयों को पाने की थी ख्वाहिश !!
पर जिंदगी की लहरों ने किया हमें मजबूर !!
कुछ ऐसे हालातों में भी हारने की नहीं थी चाहत !!

उम्मीदों की किरने छोड़ दी हमने ने !!
मजबूरीयों के संग सफर को अपनाया है !!
खुद को हारने से पहले ही हमने जी लिया है !!
मजबूरी की राहों पर भी अपनी पहचान बनाया है !!

Pyar Bhari Shayari in Hindi | खूबसूरत प्यार भरी शायरी

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जिंदगी के इस सफर में भले ही मजबूर हो !!
पर दिल में हमेशा आज़ादी की तलाश है !!
मजबूरीयों के बावजूद भी हम उड़ने की तैयारी में हैं !!
क्योंकि मजबूरी को भी हमने अपनी मित्र बनाया है !!

बेमानी की मजबूरी ने लिया तोड़ !!
दिल के क़रीब थे वो पर दिल तो बर्बाद था !!
ज़िन्दगी की क़स्ती में हमने छोड़ दिया था सहारा !!
मजबूरियों की लहरों ने हमें दुनिया से अलग किया था !!

एक मजबूरी ने हमें चुनौती दी !!
जिंदगी के रास्तों में खुद को सबित करने की !!
बदले हर पल ने हमारी मिसाल दी !!
मजबूरियों के खेल में भी हमने अपनी हकीकत बयां की !!

जब दिल मजबूर हो जाए !!
ख्वाबों की दुनिया छोड़ जाए !!
दर्द की राहों में चलते चलते !!
खुद को हम खो जाएं !!

वक़्त की मजबूरी के साथ !!
हम बदलते जा रहे हैं यहाँ !!
जीने का दरिया है अनगिनत !!
पर खुद को हम पा रहे हैं कहाँ !!

किसी की मजबूरी समझने से पहले !!
खुद की भी मजबूरी को समझो !!
ज़िंदगी की राहों में सिर्फ !!
खुद ही खुद को तुम ढूंढो !!

जब दिल टूटता है मजबूरी में !!
ख्वाबों की दुनिया बिखरती है मजबूरी में !!
ये जिंदगी की राहों में थokरें तो लगती हैं !!
हर कदम पर अफसोस होता है मजबूरी में !!

जब से मजबूर हुआ हूँ तब से खुद को तुमसे दूर करता हूँ !!
बीते पलों की यादों में दिल को बहुत रोता हूँ !!
अब तक़दीर ने जो किया वो मैं क्या करूँ शिकायत !!
मजबूरीयों के इस जहाँ में हर दर्द को ही पहचाना हूँ !!

जिंदगी की मजबूरी का आलम है !!
दर्द भरी शायरी का सवाल है !!
खुशियों की बहार थी कभी हमारी !!
अब तन्हाईयों में ही बस एक ख्वाब है !!

मजबूरीयों की राहों में खो गए !!
खुद को खोल कर देखा तो एक गुलाब है !!
दिल की गहराइयों में छुपे अरमान हैं !!
मजबूरी ने हमें बनाया तमाशा इंसान है !!

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उधार दिल की दुनिया बसी है मजबूरियों से !!
इस दर्द भरी दास्तान को किसी से अफसोस नहीं है !!
जीने की राह में बिना मजबूरियों के कुछ भी नहीं !!
इस मजबूरी की बुनाई को कोई समझ नहीं सकता है !!

जब से मजबूरियाँ हमें जकड़ी हैं गले !!
जिंदगी की मजबूरी से लड़ना ही हमारा इरादा है !!
हालातों की बादशाहत से बचकर !!
मजबूरियों को हमने एक कविता बना दिया है यादगार !!

जब सरकारी कागज़ों की मजबूरी हो !!
और दिल में दर्द छुपा रहे हो !!
कभी-कभी राह में बिखर जाते हैं ये शब्द !!
वो मजबूरी भरी शायरी की बातें हो !!

ज़िन्दगी की मजबूरी में बिखरी हुई हूँ !!
दर्द और ग़म की राहों में निकली हुई हूँ !!
आँखों में छुपे आंसू को ताक में रखकर !!
हंसती हुई मैं दुनिया के सामने चली हुई हूँ !!

जब सिर्फ मजबूरी ही हमको बिना मांगे चुरा लेती है !!
दिल में दर्द छुपा फिर भी मुस्कान बना लेती है !!
जिंदगी के राह में कई बार मजबूर हो जाते हैं हम !!
मगर उस मजबूरी में भी कई रोज़ बसा लेती है !!

जब मजबूरी में हम तन्हा होते हैं !!
दिल की धडकनें भी बेहद अजीब होती हैं !!
आँखों में छुपी ये दर्द बयां कैसे करें !!
कहते हैं ज़िंदगी जिन्दगी से अद्भुत होती हैं !!

जब मजबूरी में हालात बदल जाते हैं !!
दिल की बेबसी सब कुछ कह जाते हैं !!
राहों में बिछी उम्मीदों की धारें !!
कभी-कभी तोड़ कर सबको बह जाते हैं !!

जीवन की इस अनजान राह में चलते हुए !!
सपनों की बिना बातों में जज़्बात हो जाते हैं !!
मजबूरी की हद से गुज़रते हुए भी !!
कभी-कभी खुद को हर सम्भावना में पलते हैं !!

तंगीओं के दरिया में डुबते जाते हुए !!
हौसलों की मीठी बुनाई को याद दिलाते हैं !!
मजबूरी के रास्तों पर जब आशा की किरने मिले !!
तभी तो जिन्दगी को हम महसूस करते हैं !!

ज़िन्दगी की मजबूरी को भी क्या दिखाएं !!
दिल में छुपे दर्द को कैसे दिखलाएं !!
ये दुनिया बदली और हम भी बदल गए !!
मजबूरी की कहानी हमें सबको सुनाएं !!

Mahadev Shayari in Hindi | महादेव शायरी हिंदी

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जब राहें मजबूरी में बदल जाती है !!
दिल की आवाज़ भी अकेली हो जाती है !!
जिंदगी की कठिनाइयों से जूझते जाते हैं !!
मजबूरी में भी अपने दिल को बेहलाते जाते हैं !!

मजबूरी में जब कोई जुदा होता है !!
जरुरी नहीं की वो बेवफा होता है !!
दे कर वो आपकी आँखों में आँसू !!
अकेले में आपसे भी ज्यादा रोता है !!

उन्हें एहसास हुआ है इश्क़ का हमें रुलाने के बाद !!
अब हम पर प्यार आया है दूर चले जाने के बाद !!
क्या बताएं किस कदर बेवफ़ा है यह दुनिया !!
यहाँ लोग भूल जाते हैं किसी को दफनाने के बाद !!

मजबूरी में जब कोई जुदा होता है !!
जरुरी नहीं की वो बेवफा होता है !!
दे कर वो आपकी आँखों में आँसू !!
अकेले में आपसे भी ज्यादा रोता है !!

कहाँ से लाऊं वो शब्द जो तेरी तारीफ के क़ाबिल हो !!
कहाँ से लाऊं वो चाँद जिसमें तेरी ख़ूबसूरती शामिल हो !!
ए मेरे बेवफा सनम एक बार बता दे मुझकों !!
कहाँ से लाऊं वो किस्मत जिसमें तू बस मुझे हांसिल हो !!

जब दिल मजबूर होता है !!
तो दर्द सिर्फ खुद का होता है !!
ये दिल बेहिसाब है !!
मेरे तुझसे मोहब्बत का
इकरार करने का होता है !!

जब दिल मजबूर हो जाए !!
खुद को सब कुछ खो जाए !!
ये दिल तो है तेरे प्यार का दीवाना !!
मगर मजबूरियों का है !!
सफर अजनबी जिंदगाना !!

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